
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने मंगलवार को सिविल लाइन थाने का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थाने के समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया कि जब्ती व विवेचना की कार्रवाई में ‘ई-साक्ष्य ऐप’ का अनिवार्य उपयोग किया जाए।

उन्होंने विवेचकों के मोबाइल से पहले अपलोड किए गए वीडियो और साक्ष्य का स्वयं अवलोकन भी किया। थाना प्रभारी को प्रतिदिन इसकी निगरानी का निर्देश दिया गया।निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने ‘ई-समन’ तामील को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने थाना प्रभारी को निर्देशित किया कि न्यायालय से प्राप्त हर ‘ई-समन’ को समयबद्ध तरीके से तामील कराना अनिवार्य होगा ताकि न्यायिक कार्यवाही में किसी प्रकार की देरी न हो।

इसके साथ ही, BNS एक्ट के अंतर्गत दर्ज अपराधों में चालान की समयसीमा भी तय करते हुए निर्देश दिए कि 10 वर्ष तक की सजा वाले मामलों में 60 दिन और 10 वर्ष से अधिक सजा वाले मामलों में 90 दिन के भीतर चालान प्रस्तुत किया जाए।




