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सीलपहरी में हाई स्कूल नहीं होने से बच्चे पढ़ाई छोड़ रहे तो कुछ बच्चे मजबूरी में शहर जा रहे हैं।

शिक्षक: पढ़ाई के लिए शहर जाने में आर्थिक स्थिति के चलते कई बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाते हैं।

गांव में हाई स्कूल के लिए शिक्षा विभाग और प्रशासन से कई बार इस विषय पर मांग कर चुके ग्रामवासी।

शहर से लगे सीलपहरी में हाई स्कूल नहीं होने से बच्चे पढ़ाई छोड़ रहे हैं या मजबूरी में शहर आना पड़ रहा है। क्षेत्र में हाई स्कूल की मांग लंबे समय से जनप्रतिनिधि, अभिभावक और बच्चे कर रहे हैं। उसके बावजूद भी शिक्षा विभाग, प्रशासन इस पर कोई पहल नहीं कर रहा हैं। जिससे शासन की योजना सब को मिले शिक्षा का लाभ बच्चों को नहीं मिल पा रहा है, जिससे बीच में ही बच्चे पढ़ाई छोड़ने मजबूर हैं।

शहर से दस किलोमीटर की दूरी में स्थित सिलपहरी गांव की जनसंख्या लगभग 2000 के करीब है ,यहां एकमात्र प्राथमिक और मिडिल स्कूल है। जहां की दर्ज संख्या 210 है जिसमें 64 बच्चे आठवीं कक्षा में पढ़ रहे हैं। और इस क्षेत्र के आसपास हाई स्कूल नहीं होने से आठवीं पास बच्चों के लिए परेशानी होती है। उन्हें 10 किलोमीटर दूर बिलासपुर आना पड़ता है जबकि कुछ बच्चे जो आर्थिक रूप से कमजोर है, वह पढ़ाई छोड़ देते हैं। बच्चों और उनके अभिभावकों का कहना है कि क्षेत्र में हाई स्कूल हो जाएगा तो हमारी पढ़ाई आगे जारी रहेगी।

वही एकमात्र मिडिल स्कूल के प्रधान पाठक का कहना है कि आर्थिक स्थिति के चलते कई बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाते हैं। इसलिए यहां एक हाई स्कूल होना चाहिए, शिक्षा विभाग और शासन से भी हमने कई बार इसकी मांग की है, अगर यहां भी हाई स्कूल की स्थापना हो जाती है तो गांव के बच्चों को बड़ा लाभ होगा उनकी पढ़ाई आगे भी जारी रहेगी।

जबकि गांव के सरपंच का कहना है कि गांव की आबादी के हिसाब से यहां हाई स्कूल होना चाहिए दिन-ब-दिन जनसंख्या यहां बढ़ती जा रही है हमारे गांव के बच्चे दूर शहर जाते हैं जिससे हमेशा अनहोनी का डर बना रहता है और कई बच्चे तो शहर जाने के ड़र से ही पढ़ाई छोड़ देते हैं जिससे शासन की योजना का लाभ बच्चों को नहीं मिल पाता सरपंच का कहना है कि सरकार से आग्रह हैं यहां भी हाई स्कूल जल्द से जल्द स्थापित किया जाना चाहिए। एक ओर शासन सभी बच्चों को शिक्षा दिलाने लाख जतन करती है, योजनाएं बनाती हैं, वहीं शिक्षा विभाग की अनदेखी के चलते शहर से ही लगे कई गांव ऐसे हैं जहां मिडिल स्कूल नहीं है या हाई स्कूल की कमी बनी हुई है। जिसके चलते बच्चे आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते। शिक्षा विभाग को चाहिए ऐसे गॉव का निरीक्षण कर यहां हाई स्कूल की स्थापना के लिए शासन को सूचित करें तब जाकर शासन इस दिशा में पहल कर सकेगा।

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