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सोमवार को बिलासपुर में विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन; कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देते हुए मतदान हेतु आह्वान भी किया; इस अवसर पर डिप्टी सीएम ने प्रदेश के सभी 11 सीटों पर जीत के दावे किए।

लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान ने तेजी पकड़ लिया है।इसी कड़ी में सोमवार को बिलासपुर में विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। कुंदन पैलेस में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में डिप्टी सीएम अरुण साव समेत विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, पुन्नू लाल मोहले, धर्मजीत सिंह, सुशांत शुक्ला शामिल हुए।

बिलासपुर विधानसभा स्तरीय इस कार्यकर्ता सम्मेलन में बूथ स्तर से लेकर मंडल और जिले के कसरीकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं की चुनाव प्रचार के लिए जिम्मेदारियां तय की गई। प्रदेश भर में लोकसभा चुनाव के मद्दे नजर 1 से 8 अप्रैल तक लगातार सम्मेलन आयोजित होंगे, पहले दिन बिलासपुर विधानसभा के कार्यकर्ता सम्मेलन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी पहुंचे। इस अवसर पर बिलासपुर प्रत्याशी तोखन साहू को ऐतिहासिक जीत दिलाने के लिए कार्यकर्ताओं से कमर कस लेने का आह्वान किया गया। डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली के कारण पार्टी से लेकर मतदाताओं में उनका बड़ा आकर्षण है और इस बार वे 400 सीट के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरे हैं। उन्होंने कहा कि 1996 से बिलासपुर लोकसभा सीट बीजेपी जीत रही है और इस बार भी भाजपा प्रत्याशी ऐतिहासिक जीत तय करेंगे।

इस अवसर पर कांग्रेस समेत कई पार्टियों के पदाधिकारी और नेता भाजपा में शामिल हुए। जिस पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कांग्रेस को डूबती नाव बताकर कहा कि ना उनके पास नेता है ना नेतृत्व, इसलिए पार्टी के सदस्य पार्टी छोड़कर भाजपा में आ रहे हैं। अरुण साव ने प्रदेश की सभी 11 सीटों पर जीत के दावे किए।

इस कार्यकर्ता सम्मेलन को भाजपा के कई बड़े नेताओं ने संबोधित किया। बताया जाता है कि 2018 के विधानसभा में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा से ही भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद से कार्यकर्ताओं को खासा महत्व दिया जा रहा है। इस बार लोकसभा चुनाव में भी कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ने के लिए लगातार सम्मेलन किये जा रहे हैं। गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता जिस तरह से जुटे उससे तीसरी बार भी नरेंद्र मोदी की सरकार केंद्र में बनती दिख रही है। तो वहीं छत्तीसगढ़ में भी 11 सीट का लक्ष्य असंभव नहीं लग रहा है।

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