
सोलापुरी माता पूजा उत्सव में सुहागन महिलाओं ने सुहाग की सलामती व परिवार में सुख-समृद्धि की लिए कुमकुम पूजा की। बारह खोली चौक में चल रहा यह धार्मिक आयोजन अब अंतिम चरण में है। शुक्रवार को छह सौ से सुहागन महिलाओं ने पूजा पंडाल में कुमकुम पूजा की। इस पूजा का उद्देश्य सुहाग की सलामती एवं परिवार में सुख-शांति के लिए की जाती है। बारह खोली चौक में चल रहे श्री श्री सोलापुरी माता पूजा उत्सव में शुक्रवार को सुहागन महिलाओं ने सुहाग की सलामती व परिवार में सुख-समृद्धि की लिए कुमकुम पूजा की।

इस मौके पर 600 से अधिक महिलाओं ने सुहाग के दीर्घायु की कामना करते हुए वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा कार्यक्रम को संपन्न किया हर साल इसी तरह से सोलापुरी माता उत्सव पूजा समिति के द्वारा कुमकुम पूजा में शामिल होने बड़ी संख्या में महिलाएं पहुंचती हैं और पति के दीर्घायु के साथ परिवार में सुख समृद्धि की कामना करती है पूजा अर्चना के बाद यहां महिलाओं को समिति के अध्यक्ष और सचिव के द्वारा महिलाओं को सुहाग के सम्मान भी प्रदान किए गए।

माता सोलापुरी की पूजा करने का विशेष महत्व है. गर्मी में बढ़ते तापमान के कारण बच्चे और युवा अक्सर चिकन पॉक्स की चपेट में आ जाते हैं. इस बीमारी से छुटकारा दिलाने के लिए माता की पूजा की जाती है. मान्यता है कि जब मां को विराजित कराया जाता है, तभी से मौसम में हल्की ठंडक आ जाती है. प्रतिदिन यहां माता की आराधना कर लोग उनका आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं तो प्रतिदिन माता के अलग स्वरूप के दर्शन भी उन्हें प्राप्त हो रहे हैं रविवार को महाकुम्भम के साथ शोभा यात्रा के साथ माता की पूजा का समापन होगा।




