बिजली विभाग ने स्मार्ट मीटर के नाम पर कसीदे गढ़े थे लेकिन यह आम उपभोक्ताओं के लिए आफत साबित हो रही है। लोग कह रहे हैं कि हाफ बिजली बिल के नाम पर इस मीटर के जरिए लोगों से दुगनी कीमत वसूली जा रही है । स्मार्ट मीटर का ना तो रीडिंग हो रहा है और ना ही कोई सुनवाई ।उपभोक्ताओं का कहना है कि मनमाना बिजली बिल आ रहा है जिससे हम परेशान हैं पहले वाले मीटर में चार से ₹500 आता था तो वही अब ₹5000 तक आ रहा है ।जबकि मीटर की रीडिंग भी नहीं हुई है। इससे उपभोक्ता परेशान है ।

बिजली अधिकारियों से शिकायत करने पर उनका कहना है कि इतना ही पटाना होगा। हेमू नगर के बिजली उपभोक्ता ने बताया कि वे प्राइवेट नौकरी करता है और ज्यादा बिजली का उपयोग भी नहीं करते। उसके बावजूद उनके पास 5000 का बिल आया है। शिकायत पर अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं । उपभोक्ता ने स्मार्ट मीटर की जगह पर पुराना मीटर लगाने मांग की है। सच तो यह है कि उतनी ही बिजली खपत पर स्मार्ट मीटर अधिक यूनिट दर्शा रहा है , जिसके जरिए बिजली विभाग कई गुना अधिक बिल लोगों से वसूल रहा है। लोग इसे बिजली विभाग की खुली लूट बता रहे हैं। अफसोस इस बात का है कि इसे लेकर विपक्ष भी पूरी तरह से खामोश है। मुमकिन है कि स्मार्ट मीटर भाजपा सरकार के लिए अभिशाप साबित हो।




