
विश्व एड्स दिवस के अवसर पर बिलासपुर में एड्स पखवाड़ा के तहत जन-जागरूकता कार्यक्रमों की शुरुआत की गई। इस अभियान का उद्देश्य लोगों को एड्स के प्रति जागरूक करना और एचआईवी से पीड़ित व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने का संदेश देना है। 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलने वाले इस पखवाड़े के अंतर्गत शहर में जागरूकता रैली सहित कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बिलासपुर में विश्व एड्स दिवस के उपलक्ष्य में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एड्स पखवाड़ा मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला चिकित्सा कार्यालय से महामाया चौक तक एक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, मेडिकल स्टाफ, स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हुए।

प्रतिभागियों ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से एड्स से बचाव, समय पर जांच और इलाज की जानकारी दी, साथ ही एचआईवी संक्रमित लोगों के साथ भेदभाव न करने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक चलने वाले एड्स पखवाड़े के दौरान जागरूकता रैली, परामर्श शिविर और जांच कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि एचआईवी संक्रमण मुख्य रूप से असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाने, एक ही सुई या सिरिंज का बार-बार उपयोग तथा संक्रमित मां से बच्चे में फैलता है। वहीं, एड्स छूने, हाथ मिलाने, साथ बैठने, खाने-पीने या सामान्य सामाजिक संपर्क से नहीं फैलता। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से सुरक्षित व्यवहार अपनाने, समय पर जांच कराने और एड्स को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने की अपील की गई।




