
रक्षाबंधन एक ऐसा पर्व जो भाई-बहन के रिश्ते को न सिर्फ बांधता है, बल्कि उसे हर साल और भी मजबूत करता है। लेकिन जब भाई दूर शहर में हो, तो बहन की राखी डाक के सहारे ही उसके पास पहुँचती है। इसी जज़्बे को समझते हुए भारतीय डाक विभाग ने इस साल रक्षाबंधन के मौके पर एक भावुक और अभिनव पहल शुरू की है पीली पत्र पेटी डाक विभाग ने खासतौर पर राखियों की डिलीवरी का समयबद्ध और सुरक्षित बनाने के लिए ये पीली डाक पेटियां लगाई हैं। इन पेटियों में केवल राखियाँ और उनसे जुड़ी चिट्ठियाँ ही डाली जा सकेंगी। पीले रंग को इसलिए चुना गया है ताकि इन्हें सामान्य डाक पेटियों से अलग पहचाना जा सके। इस पहल से बहनों को न केवल भरोसा मिला है, बल्कि एक भावनात्मक राहत भी।हर साल लाखों राखियाँ पोस्ट होती हैं, लेकिन कई बार वे समय पर नहीं पहुँचतीं। इस बार डाक विभाग ने ये सुनिश्चित किया है कि कोई भी राखी देरी या गुम न हो। इन पीली पत्र पेटियों को हर दिन अलग से खोला जाएगा और राखियों को प्राथमिकता के साथ प्रोसेस किया जाएगा।

स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड डाक को भी खास तवज्जो दी जाएगी।डाक विभाग ने ग्राहकों को ट्रैकिंग की सुविधा भी दी है अब बहनें यह जान सकेंगी कि उनकी राखी कहां तक पहुँची है। डाक अधीक्षक श्री विनय प्रसाद ने कहा कि, “राखी सिर्फ डाक नहीं, यह बहनों की भावना है। हम चाहते हैं कि हर बहन की राखी समय पर भाई तक पहुँचे और उनका बंधन और भी मजबूत हो।बिलासपुर जिले सहित कोरबा, मुंगेली और जांजगीर में भी इन पीली पत्र पेटियों की व्यवस्था की गई है।

बिलासपुर में यह पेटियां प्रधान डाकघर, सीपत चौक सरकंडा, एसईसीएल, बिलासपुर उप डाकघर और बिलासपुर आरएस में स्थापित की गई हैं। वहीं कोरबा, जांजगीर और मुंगेली के प्रमुख डाकघरों के सामने भी इन्हें लगाया गया है। डाक विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी राखियाँ इन विशेष पीली पत्र पेटियों में ही डालें। यदि पत्रों की संख्या अधिक हो तो वे इन्हें सीधे डाकघर काउंटर पर जमा कर सकते हैं।राखी मेल के लिए स्पीड पोस्ट सेवा भी काउंटर पर उपलब्ध है। यह पहल केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि बहनों के प्यार और भाइयों की मुस्कान को समय पर पहुँचाने की एक जिम्मेदारी है जिसे डाक विभाग पूरे समर्पण से निभा रहा है।




