23.4 C
Bilāspur
Sunday, March 15, 2026
spot_img

हाई सिक्योरिटी नंबर बनी जनता की बड़ी मुश्किल, नामांतरण और वसूली की दोहरी मार आरटीओ की लाचार व्यवस्था और अवैध दुकानों ने बढ़ाई आम लोगों की परेशानी

बिलासपुर में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की अनिवार्यता ने वाहन मालिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ना सिर्फ नामांतरण में देरी हो रही है, बल्कि अवैध दुकानों के जरिए आम जनता से खुलेआम लूट भी की जा रही है। ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ की जिम्मेदारियों के बीच पिस रही है जनता। शहर में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए करीब 15 दिन का इंतजार, और फिर नाम ट्रांसफर के लिए 15 से 20 दिन और यानी वाहन खरीदने और बेचने वालों के लिए कुल मिलाकर एक महीने की परेशानी तय। ऊपर से आरसी तक समय पर नहीं मिल पा रही है।नामांतरण की प्रक्रिया में देरी का असर यह है कि वाहन मालिकों को फाइनेंस, इंश्योरेंस और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं में भी अड़चन आ रही है। लोग कह रहे हैं जब तक नंबर प्लेट नहीं लगती, तब तक गाड़ी पूरी तरह से उनकी नहीं मानी जाती।

ट्रैफिक एएसपी का कहना है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में कैंप लगाकर नंबर प्लेट लगाने की प्रक्रिया आसान बनाई जा रही है।लेकिन दूसरी तरफ उनके ही ऑफिस के बाहर दो-दो अवैध दुकानें धड़ल्ले से चल रही हैं, और आम जनता से मनमाना पैसा वसूला जा रहा है।इन अवैध दुकानों में न सिर्फ नंबर प्लेट लगाई जा रही है, बल्कि चालान जमा कराने से लेकर आरसी में मोबाइल नंबर लिंक करने और नामांतरण से जुड़े फॉर्म भरवाने तक के नाम पर दोगुना-तीन गुना शुल्क वसूला जा रहा है।ट्रैफिक एएसपी का जवाब है इसकी जानकारी RTO को दें लेकिन सवाल ये है कि जब खुलेआम अवैध दुकानें चल रही हैं तो जिम्मेदार अफसर आंखें क्यों मूंदे हुए हैं? क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं। कुल मिलाकर नामांतरण और हाई सिक्योरिटी नम्बर की प्रक्रिया को आसान करने के दावे कागजों में हैं, ज़मीनी हकीकत ये है कि लोग सिस्टम की खामियों का खामियाजा भुगत रहे हैं। जरूरत है एक ठोस मॉनिटरिंग और सख्त कार्रवाई की।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

132,000FansLike
3,912FollowersFollow
21,600SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles