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हाथी का आतंक, सीपत में दहशत फसलें बरबाद, गांवों में अलर्ट – कई स्कूल बंद

सीपत क्षेत्र में जंगली हाथी का आतंक लगातार बढ़ रहा है। जांजगीर के जंगलों से भटककर आया करीब 10 साल का नर हाथी पिछले दो दिनों से भरुआडीह, कैमाडीह और आसपास के गांवों में दहशत फैलाए हुए है। हाथी के मूवमेंट को देखते हुए प्रशासन ने गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।हाथी ने कई किसानों की खड़ी फसलें उजाड़ दी हैं, जिससे ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। रविवार देर शाम कैमारानी मंदिर के पास उसके पगचिह्न मिले, जिसके बाद रात करीब 10 बजे वह कैमाडीह होते हुए ठरकपुर–भरुआडीह की ओर बढ़ गया।

इस दौरान ग्रामीण पूरी रात दहशत में जागते रहे।स्थिति को गंभीर देखते हुए कारीछापर, जूहली, कैमाडीह, खाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में चेतावनी जारी कर दी गई है। सुरक्षा के मद्देनजर कई स्कूलों में एहतियातन छुट्टी भी घोषित की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि खतरे के बावजूद सुबह 11 बजे तक राहत दल मौके पर नहीं पहुंच सका, जिससे नाराजगी भी बढ़ रही है।वहीं, वन विभाग की टीमें अलर्ट पर हैं और हाथी के मूवमेंट पर नजर रख रही हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथी के पास न जाएं, भीड़ न जुटाएं और उसकी मौजूदगी की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को दें। फिलहाल क्षेत्र में डर का माहौल कायम है और राहत कार्यों का इंतज़ार किया जा रहा है।

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