
बिलासपुर। रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने बिहार में एक मुस्लिम महिला का सार्वजनिक रूप से हिजाब खींचे जाने की घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।संगठन ने इसे निंदनीय, शर्मनाक और संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता व महिला सम्मान का गंभीर उल्लंघन बताया है। इस संबंध में फाउंडेशन की ओर से मुख्यमंत्री बिहार सरकार को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है। कहा गया है कि हिजाब किसी भी मुस्लिम महिला की आस्था, पहचान और गरिमा से जुड़ा विषय है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल पीड़िता को मानसिक रूप से आहत करती हैं, बल्कि समाज में भय, असहिष्णुता और विभाजन को भी बढ़ावा देती हैं। संगठन ने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 19 और 25 का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। रज़ा यूनिटी फाउंडेशन ने प्रशासन से पीड़ित महिला से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाने की मांग की है। साथ ही पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी अपील की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संगठन ने यह भी मांग की कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए स्पष्ट प्रशासनिक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इसके अलावा महिला सम्मान और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। संगठन ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस गंभीर मामले पर संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाए।




