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370 करोड़ का प्रोजेक्ट, लेकिन राहगीरों के लिए मुसीबत रतनपुर–पेंड्रा रोड पर गड्ढे-कीचड़, रोज़ाना यात्रियों की जान जोखिम में

राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करना लोगों के लिए आसान नहीं रहा। रतनपुर से पेंड्रा के बीच सड़क चौड़ीकरण का काम तो तेजी से चल रहा है, लेकिन निर्माण एजेंसी और विभाग की लापरवाही ने राहगीरों को परेशान कर दिया है। सड़क की जगह गड्ढे और कीचड़ ने लोगों की राह मुश्किल कर दी है।82 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 370 करोड़ रुपए है। लेकिन सर्विस रोड न बनने से यात्री भारी मुसीबत झेल रहे हैं। केंदा के आसपास तो हालात इतने बिगड़ गए हैं कि थोड़ी सी बारिश में टू-व्हीलर तक निकालना मुश्किल हो जाता है। लोग अपने वाहनों को धक्का लगाकर कीचड़ और गड्ढों से बाहर निकालने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि बारिश होते ही हालात और बिगड़ जाते हैं। बच्चों को पैदल निकालना पड़ता है, स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरे में है। व्यापारियों का भी कहना है कि सामान ढोने वाली गाड़ियां बार-बार गड्ढों में फंस जाती हैं जिससे भारी नुकसान हो रहा है।यह सड़क बिलासपुर को जीपीएम होते हुए मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश से जोड़ती है। रोज़ाना हजारों यात्री इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन जर्जर हालात की वजह से उन्हें घंटों जाम और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।लोगों की मांग है कि निर्माण एजेंसी तत्काल गड्ढों में मुरुम और गिट्टी डलवाए और सर्विस रोड बनाए। सवाल यह है कि क्या विभाग की जिम्मेदारी सिर्फ ठेका देना है या यात्रियों की सुरक्षा भी उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

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