
बिलासपुर की 65 वर्षीय रत्ना मोंडल के SBI कलेक्टरेट शाखा के फिक्स डिपॉज़िट खातों से करीब 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। महिला ने शिकायत में बताया कि बिना अनुमति और जानकारी के उनके खातों से रकम ट्रांसफर कर दी गई।22 नवंबर 2024 को संदिग्ध तरीके से 4.54 लाख रुपये और 50 हजार रुपये की राशि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए निकाली गई।

जांच में सामने आया कि यह रकम HDFC बैंक के खाता धारक हरि पार्थसारथी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाता धारक मिथुन कुमार मेहता को ट्रांसफर हुई।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उन्होंने कभी इंटरनेट बैंकिंग का इस्तेमाल नहीं किया, लेकिन बैंक रिकॉर्ड में उनकी जानकारी के बिना ई-मेल आईडी बदल दी गई थी। इससे बैंक कर्मचारियों की लापरवाही और संभावित मिलीभगत की आशंका जताई गई है।सिविल लाइन्स पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए BNS और आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस के द्वारा मामले की जांच के साथ ही साथ संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज़ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।




