
69वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में भारी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई। आमंत्रण पत्रों में उपमुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधियों के नाम होने के बावजूद किसी को विधिवत सूचना नहीं दी गई, जिससे राष्ट्रीय आयोजन की गरिमा को ठेस पहुंची। आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई।

कार्यक्रम से पहले स्थल निरीक्षण पर पहुंचे कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अव्यवस्था देख मौके पर ही नाराजगी जताई। मुख्य अतिथि की अनुपस्थिति पर जब स्पष्ट जवाब नहीं मिला तो कलेक्टर ने आयोजन प्रभारी अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए इसे घोर गैर-जिम्मेदारी बताया।सूत्रों के अनुसार यह आयोजन संयुक्त संचालक स्तर पर होना था, लेकिन भारी बजट के चलते इसे जिला स्तर पर रखने का प्रयास किया गया। कार्ड तो छपवाए गए, पर जानबूझकर सूचना नहीं दी गई, जिससे नीयत और कार्यशैली पर गंभीर संदेह गहराया है।

हालात बिगड़ने पर जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल के हस्तक्षेप से कार्यक्रम किसी तरह बच पाया और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी द्वारा उद्घाटन कराया गया। इस अव्यवस्था का असर खिलाड़ियों के मनोबल पर भी दिखा, वहीं मामले की रिपोर्ट उच्च स्तर तक पहुंचने और जिम्मेदार अधिकारी पर कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई है।




