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Tuesday, April 7, 2026
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प्रियंका सिंह आत्महत्या: 10 लोगों पर एफआईआर दर्ज, जांच जारी

बिलासपुर में पड़ोसियों की प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाने वाली प्रियंका सिंह का अंतिम संस्कार सोमवार को कर दिया गया। इस दौरान एसपी रजनेश सिंह ने उनके निवास पर जाकर उनके पति और बेटी से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की। रविवार को फेसबुक पर लाइव आकर पहले अपनी आप बीती सुनाने और फिर आरोपियों के मकान का वीडियो पोस्ट करने वाली प्रियंका सिंह ने बताया था कि पिछले 4 सालों से उसका पड़ोसी पप्पू यादव और उसके सहयोगी उसे तरह-तरह से प्रताड़ित कर रहे थे। पहले भी विवादों में रहे पप्पू यादव के साथ प्रियंका सिंह ने उसके उन साथियों का नाम लिया था जो लगातार उसके साथ छेड़छाड़ और असभ्य व्यवहार कर रहे थे।

पुलिस ने फेसबुक पर किए गए पोस्ट को सुसाइड नोट और वीडियो को पर्याप्त सबूत मानते हुए 10 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है। एसपी रजनेश सिंह ने कहा कि जांच पड़ताल के बाद कार्रवाई की जाएगी। रेलवे में टीटीई की पत्नी प्रियंका सिंह ने सनसनी खेज आरोप लगाते हुए बताया था कि उनके मकान के ठीक बगल में रिटायर्ड नागू राव के मकान में किराए में रहने वाला पप्पू यादव पिछले 4 सालों से उसके साथ अभद्र व्यवहार कर रहा है, जिसका साथ उसका पड़ोसी समर्पण क्लीनिक का संचालक डॉक्टर अजीत मिश्रा , हाई कोर्ट एडवोकेट दीप्ति शुक्ला, उसका पति कांग्रेस नेता अनिल शुक्ला, सांई दरबार का पुरोहित और उसका बेटा, श्री राम ज्वेलर्स का मालिक विवेक अग्रवाल, नागू राव और उसकी पत्नी, पप्पू यादव की पत्नी दे रहे हैं।

इन सभी लोगों की छेड़खानी और गुंडागर्दी से वह परेशान थी। प्रियंका सिंह ने लाइव बताया था कि पप्पू यादव अपने घर की छत से कपड़े उतार कर महिला की ओर अश्लील इशारे करता था। यह लोग हर रात उसके घर पर पत्थर बाजी करते थे। एसपी रजनेश सिंह का कहना है कि आत्महत्या के पीछे कोई बहुत बड़ी वजह होती है, तभी कोई ऐसा कदम उठाता है, इसलिए इस मामले में क्या कारण थे इसकी पड़ताल की जाएगी ।श्रीकांत वर्मा मार्ग मैग्नेटो मॉल के पास स्थित सांई दरबार के ठीक बगल वाली गली में रहने वाली प्रियंका सिंह सामाजिक कार्यकर्ता भी थी। वह अपनी जिंदादिली के लिए जानी जाती थी लेकिन उनके दिल में इतना गम है इसका एहसास किसी को नहीं था। प्रियंका सिंह ने अपने पोस्ट में जिन-जिन लोगों का जिक्र किया था उनके खिलाफ पुलिस एफआईआर दर्ज कर चुकी है हालांकि अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इस मामले में जो नाम सर्वाधिक चर्चा में है वह है पप्पू यादव का। इस मामले का मुख्य आरोपी पप्पू यादव आपराधिक छवि का व्यक्ति है, जिसका असली नाम अश्वनी यादव है। उसे पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल का करीबी बताया जाता है, हालांकि उसकी आपराधिक छवि को देखते हुए अमर अग्रवाल ने उससे दूरी बना ली है। पप्पू यादव सड़क बनाने वाली ठेका कंपनी अनिल बिल्डकॉन का पेटी कॉन्टैक्टर था लेकिन करोड़ों के हिसाब को लेकर गड़बड़ी के मामले में पप्पू यादव अनिल बिल्डकॉन के डायरेक्टर के घर आधी रात को घुस कर मारपीट करने लगा।

तारबाहर थाने में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पप्पू यादव पर जमीन हथियाने का भी आरोप है। मैग्नेटो मॉल के सामने संचालित अन्ना डोसा पप्पू यादव की जमीन पर ही संचालित होता था। एक दिन दुकान खाली कराने के लिए पप्पू यादव तलवार लेकर पहुंच गया, जिसका वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले में भी उसे जेल हुई थी। पप्पू यादव से तंग आकर मैग्नेटो मॉल के पास रहने वाले दंत रोग चिकित्सक समीर मिश्रा ने तो मोहल्ला ही छोड़ दिया था। अब प्रियंका सिंह ने उससे तंग आकर दुनिया छोड़ दी है। प्रियंका सिंह ने जिन 10 रसूखदारों का नाम लिया था उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है, सोमवार को एसपी रजनेश सिंह प्रियंका सिंह के घर पहुंचे थे। परिजनों के साथ बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि प्रियंका सिंह ने जिन 10 लोगों के नाम लिए हैं उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गए हैं, इस मामले की जांच सिविल लाइन सीएसपी करेंगे, इसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।

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