सुभाष चौक सरकंडा स्थित पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में नवरात्रि के पांचवें दिन महादेव का महा रुद्राभिषेक के बाद बगलामुखी देवी का विशेष पूजन श्रृंगार स्कन्दमाता देवी के रूप में किया गया। पीतांबर पीठाधीश आचार्य दिनेश महाराज ने बताया कि नवरात्रि के छठवें दिन कात्यायनी देवी की पूजा की जाती है विवाह में आने वाली बाधा के समाधान के लिए कात्यानी मंत्र लाभकारी है।

कात्यानी मंत्र में जन्म कुंडली में मांगलिक दोष को दूर करने की शक्ति होती है इससे विवाह में उत्पन्न होने वाले अवरोध दूर हो जाते हैं। इसके साथ ही विधि विधान से पीतांबरा पीठ में नवरात्रि की पूजा चल रही है ।

116 मनोकामना ज्योति कलश जलाए गए हैं जो शुद्ध देसी घी से जलाई जा रहे हैं नवमी के दिन हवन पूजन कर कन्या भोजन कर समापन किया जाएगा।





