नवरात्र और दशहरा के मौके पर रेलवे क्षेत्र में लगाए गए स्टॉल्स के बाद जगह-जगह फैली गंदगी ने स्वच्छता पखवाड़ा के दावों की पोल खोल दी है। इस कचरे से राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिस स्थान पर स्टॉल्स लगाए गए थे, वहां अब प्लास्टिक की थैलियां, खाने-पीने का सामान और अन्य कचरा बिखरा हुआ है। राहगीरों को इस गंदगी के कारण आने-जाने में मुश्किल हो रही है। कचरे के ढेर से उठने वाली दुर्गंध से स्थानीय लोग और दुकानदार भी परेशान हैं।

कई लोगों का कहना है कि ना तो दुकानदारों ने अपने क्षेत्र की सफाई की और न ही प्रशासन की ओर से अब तक कोई सफाई अभियान चलाया गया है।गंदगी की इस स्थिति ने स्वच्छता पखवाड़ा अभियान के तहत किए जा रहे दावों पर सवाल खड़ा कर दिया है।हालांकि रविवार होने के चलते सफाई कर्मियों की भी छुट्टी रहती है इस वजह से भी शायद सफाई नही हो पायी।

लेकिन सवाल यह भी है कि जिस तरह से रेलवे अस्थाई दुकानदारों से मनमाना शुल्क वसुलता है तो रेलवे का यह भी फर्ज बनता है कि वह अतिरिक्त शुल्क देकर सफाई कर्मियों से साफ सफाई कराए।फिलहाल स्थानीय लोग और राहगीर प्रशासन से जल्द से जल्द सफाई अभियान चलाने की मांग कर रहे हैं ताकि इस क्षेत्र में स्वच्छता बहाल की जा सके।




