
रेलवे द्वारा पेड़ों की शिफ्टिंग के नाम पर किये गए सैकड़ों पेड़ों की कटाई के मामले में सीसीएफ का बड़ा बयान सामने आया है।जी न्यूज को जानकारी देते हुए सीसीएफ ने बताया कि रेल प्रशासन को अपने क्षेत्र में पेड़ों की कटाई का अधिकार है।हालांकि सीसीएफ को ठीक से यह भी नही पता है कि रेलवे ने इसके लिए अनुमति जिला प्रशासन से ली या नही ली इसलिए सीसीएफ ने कहा कि उसके लिए रेलवे ने जिला प्रशासन से हो सकता है अनुमति लिया होगा।

जिस तरह से सीसीएफ ने गैरजिम्मेदाराना तरीके से जवाब दिया है उससे तो यही लगता है वन विभाग शायद रेलवे की बड़ी लापरवाही पर पर्दा डालना चाहता है।अगर नियम की बात की जाए तो नियम यह कहता है कि पेड़ो की शिफ्टिंग के पूर्व मिट्टी का निरीक्षण करना होता है,,जहां शिफ्ट कर रहे है वहां मिट्टी में कितनी तासीर है कि शिफ्ट पेड़ों में पुनः जान भर दे यह सुनिश्चित किया जाता है।

तमाम औपचारिकता वन विभाग को ही करनी होती है।बावजूद इसके रेलवे ने शिफ्टिंग के नाम पर नियम कायदों को ताक में रखकर जिस तरह से पेड़ों की कटाई की है वह एक गम्भीर विषय है।जिसपर सख्ती से कार्यवाही करने की बजाय सीसीएफ गैरजिम्मेदाराना तरीके से मीडिया को जवाब दे रहे है।





