
बिलासपुर में रहने वाला तेलुगू समाज भी सभी सनातनी पर्वों को धूमधाम से मानता है। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी आंवला नवमी पर तेलुगू संयुक्त समाजम कल्याण समिति द्वारा आनंद मय वन भोज महोत्सव का आयोजन किया गया। दर्शन मुनि उदासीन आश्रम छठ घाट के पास बिलासा उपवन में अरपा नदी के किनारे सुबह ही समाज के सदस्य सैकड़ो की संख्या में पहुंचे। महिलाओं ने यहां सामूहिक ललित सहस्रम का पाठ किया। इसके बाद विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताओ का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। आंवला नवमी के अवसर पर अवल के वृक्ष की पूजा के साथ वन भोज की परंपरा है।

आंवला के वृक्ष और लक्ष्मी नारायण की उपासना के बाद सभी ने आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर वन भोज किया। बताया कि इससे माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। आंवले के वृक्ष में सभी देव देवी देवता का वास होता है इसलिए उनकी पूजा से उनका आशीर्वाद मिलता है।700 से अधिक तेलुगू समाज के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। दिन भर यहां विविध खेलकूद एवं रोचक स्पर्धाएं भी हुई, जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तो वही यहां सभी को सात्विक भोजन परोसा गया ।





