
बिलासपुर में बक्सर राजपूत क्षत्रिय समाज के आंतरिक विवाद ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। समाज के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष और सेवानिवृत्त डीआईजी पी.एस. ठाकुर ने मौजूदा अध्यक्ष दारा सिंह राजपूत के खिलाफ दस्तावेजों में कूट रचना और छलपूर्वक बैंक खाता खोलने को लेकर सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।एफआईआर में धारा 420 और 467 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।शिकायत में पी.एस. ठाकुर ने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 में उनके कार्यकाल में तैयार की गई समिति की मूल नियमावली में दारा सिंह द्वारा फर्जी तरीके से हस्ताक्षर बदलकर बैंक खाता खोला गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज प्राप्त करने के बाद ही उन्हें इस कूट रचना की जानकारी मिली। FIR में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि यह कार्य धोखाधड़ी की मंशा से किया गया है।वहीं दूसरी ओर, वर्तमान अध्यक्ष दारा सिंह राजपूत के समाज के समर्थकों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे समाज की छवि को धूमिल करने की सोची-समझी साजिश बताया है।

उन्होंने कहा कि समाज के पुराने अध्यक्ष अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग कर झूठा केस दर्ज करवा रहे हैं ताकि समाज में हो रहे सेवा कार्यों को बाधित किया जा सके।दारा सिंह ने यह भी कहा कि उनके कार्यकाल में सभी निर्णय बायलॉज के अनुसार लिए गए हैं और किसी भी प्रकार की कूट रचना नहीं की गई है।इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर समाज के कई पदाधिकारी, सदस्य और प्रतिनिधि एसएसपी कार्यालय पहुंचे।

उन्होंने एसएसपी रजनेश सिंह से मुलाकात कर मांग की कि मामले में राजनीति या व्यक्तिगत द्वेष के बजाय निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निष्पक्ष जांच कर आरोप निरस्त नहीं किया गया, तो समाज जनांदोलन के लिए बाध्य होगा।एसएसपी ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।




