
बरसात के मौसम में जहां नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है और वैध रेत खनन पर रोक लगी हुई है, वहीं रेत माफिया इस स्थिति का फायदा उठाने में जुट गए हैं। शहर के भीतर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से होकर बहने वाली नदियों से अवैध रूप से रेत निकालकर उसे खाली प्लॉटों में डंप किया जा रहा है।इन डंपिंग साइट्स से रेत को शहर के अलग-अलग हिस्सों में ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। ट्रैक्टरों के जरिए खुलेआम सप्लाई की जा रही रेत की यह अवैध मंडी दिनदहाड़े चल रही है। आश्चर्य की बात यह है कि खनिज विभाग को इस गतिविधि की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।अब बड़ा सवाल यही है जब विभागों को सब कुछ पता है तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या प्रशासन इस काले कारोबार पर नकेल कसेगा या फिर माफिया यूं ही नदियों को लूटते रहेंगे और रेत की कालाबाज़ारी बेरोकटोक जारी रहेगी।




