
शिक्षा में लैंगिक समानता और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए ‘गर्ल राइजिंग’ और समर्पण संस्था ने छत्तीसगढ़ में राज्य शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 8 और 9 जुलाई को दो दिवसीय प्रशिक्षण में 35 शिक्षकों को तैयार किया गया।इस कार्यक्रम के तहत शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से पढ़ाने, बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने और स्कूलों में समावेशी माहौल तैयार करने की रणनीति सिखाई जा रही है। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि 21वीं सदी के कौशल, जैसे – संवाद, सहयोग, तकनीकी ज्ञान व निर्णय क्षमता – छात्रों को कैसे सिखाए जाएं। खासकर ग्रामीण इलाकों में डिजिटल शिक्षा को लेकर लड़कियों को कैसे जोड़ा जाए, इस पर विशेष जोर दिया गया।छत्तीसगढ़ में महिला मोबाइल उपयोगकर्ता संख्या 10% से भी कम है। ऐसे में यह प्रशिक्षण बेहद जरूरी हो जाता है। प्रशिक्षकों ने बताया कि ग्रामीण स्कूलों में कई शिक्षक तकनीकी उपकरणों के प्रयोग में हिचकते हैं, जिसे दूर करने के लिए उन्हें डिजिटल ट्रेनिंग दी जा रही है। साथ ही, शिक्षक अब बच्चों में आत्मविश्वास और सोच की नई शैली विकसित करने पर भी काम कर रहे हैं।गर्ल राइजिंग की निदेशक निधि सूरी ने कहा कि हम मानते हैं – शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सोच और सामाजिक परिवर्तन का माध्यम है। यह प्रशिक्षण लड़कियों को अपनी आवाज़ और निर्णय लेने की क्षमता देने की दिशा में बड़ा कदम है। समर्पण संस्था की मदद से यह पहल राज्य भर में शिक्षक तैयार करने और डिजिटल साक्षरता के जरिए बदलाव लाने का कार्य कर रही है।




