
केंद्रीय जेल के बाहर उस वक्त हड़कंप मच गया जब आरोपी इस्माइल खान ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक और उसके परिजनों से मारपीट करते हुए चाकू से जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पूरी घटना जेल परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों के सामने हुई, लेकिन उन्होंने कोई हस्तक्षेप नहीं किया, बल्कि यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि झगड़ा करना है तो बाहर जाकर करो।घटना उस समय की है जब पीड़ित महिला अपने बड़े बेटे से मुलाकात करने जेल पहुंची थी।मुलाकात संभव नहीं हो पाई, तो वह लौट रही थी, तभी बाहर इस्माइल खान और उसके 4-5 साथियों ने सोनू नामक युवक को पीटना शुरू किया।शोर सुनकर महिला और उसके अन्य परिजन बीचबचाव के लिए पहुंचे, तो उन्हें भी पीटा गया और चाकू लहराकर धमकाया गया। पीड़ितों का कहना है कि इस्माइल खान लगातार धार्मिक टिप्पणी कर रहा था और उन्हें उकसाने की कोशिश कर रहा था।पीड़ित युवक ने बताया कि इस्माइल खान ने पहले कंधे पर हाथ रखकर धमकाया, फिर दो थप्पड़ मारे और चाकू निकाल लिया। बीच में उसका भाई और मां बचाव के लिए आए, उन्हें भी पीटा गया और धमकाया गया।इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकला।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि न केवल मारपीट हुई बल्कि उनका सामान भी छीना गया।इस पूरे मामले को लेकर पीड़ितों ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है।पीड़ित पक्ष के समर्थन में हिंदू संगठनों के सदस्य भी थाने पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने इस्माइल खान एवं अन्य के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया है और मामले की जांच जारी है। आरोपी इस्माइल खान पर पूर्व में भी अनेक आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह एक आदतन बदमाश बताया जा रहा।




