
बिलासपुर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “चेतना अभियान” को अब समेकित और व्यापक रूप में “समग्र छात्र जागरूकता अभियान” के तहत हर शनिवार जिले के सभी विकासखंडों में स्कूल स्तर पर चलाया जाएगा। इस अभियान का विधिवत शुभारंभ मल्टीपरपज हायर सेकेंडरी स्कूल, बिलासपुर से हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी, गणमान्य नागरिक, पालक और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुए।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षा, नैतिकता और जिम्मेदारी जैसे विषयों पर जागरूक करना है। पहले चेतना अभियान के तहत अलग-अलग विषयों पर काम हो रहा था, लेकिन अब उसे संयुक्त रूप से एकीकृत कर हर शनिवार सभी स्कूलों में चलाया जाएगा। कलेक्टर और एसएसपी ने संयुक्त रूप से इस पहल को आगे बढ़ाने की बात कही और कहा कि बच्चे समाज के सबसे निश्चल रूप होते हैं, उन्हें प्रेरित कर हम पूरे समाज में बदलाव ला सकते हैं।

एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि चेतना के सात चरण ट्रैफिक, नशा मुक्ति, साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा, बाल अपराध, विधिक जागरूकता और नागरिक शिष्टाचार को अब एक मंच पर लाकर समग्र छात्र अभियान की शुरूआत की गई है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इसे “एक सामाजिक आंदोलन” बताते हुए कहा कि “यह अभियान बच्चों के माध्यम से पूरे समाज में चेतना फैलाने का प्रयास है।

एडिशनल एसपी (यातायात) रामगोपाल करियारे ने कहा कि यह अभियान बहुआयामी और बहुद्देशीय है। उन्होंने बताया कि अब हर विकासखंड में यह कार्यक्रम चरणबद्ध रूप से चलेगा, जिसमें बच्चों को साइबर सुरक्षा, नशा, ट्रैफिक नियम, महिला सम्मान जैसे विषयों पर प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि वे समाज को अपराध मुक्त बनाने में सहयोगी बन सकें।

मल्टीपरपज स्कूल की प्राचार्या ने कहा कि यह एक अत्यंत आवश्यक और समयानुकूल कार्यक्रम है, जिससे बच्चों को अपने अधिकार और कर्तव्यों के प्रति समझ विकसित होती है। उन्होंने कहा कि कई छात्र बिना हेलमेट स्कूटर बाइक चलाते हैं, उन्हें ट्रैफिक नियमों की जानकारी होनी चाहिए। जब तक हम शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक जागरूकता नहीं देंगे, तब तक संपूर्ण विकास संभव नहीं।

इस संयुक्त पहल का उद्देश्य न सिर्फ बच्चों को जागरूक बनाना है, बल्कि उनके माध्यम से पूरे समाज में जिम्मेदार नागरिकता की चेतना जगाना है। आने वाले सप्ताहों में हर स्कूल में यह अभियान नियमित रूप से चलेगा, जिसमें विधिक सेवा प्राधिकरण, स्वास्थ्य, महिला बाल विकास, पुलिस और अन्य विभाग सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया।




