
डेढ़ साल के भीतर चौथी बार बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर प्रदेश में हंगामा मच गया है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर जनता की जेब पर डाका डालने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 10 से 20 पैसे और कृषि पंपों के लिए 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। गैर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी 25 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली महंगी कर दी गई है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार ने 2003 से 2018 के बीच बिजली दरों में 3.10 रुपये की वृद्धि की, जबकि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मात्र 2 पैसे की बढ़ोतरी हुई थी। अब वर्तमान भाजपा सरकार ने डेढ़ साल में ही बिजली दरों में 80 पैसे यानी 13 प्रतिशत की वृद्धि कर दी है।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की उपबिल योजना को याद करते हुए बताया गया कि उस समय लगभग 65 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को 3240 करोड़ रुपये की सब्सिडी देकर राहत दी गई थी। वहीं अब किसानों, गरीबों और उद्योगों को राहत देने की बजाय भाजपा सरकार बिजली कटौती, महंगी दरों और वसूली से परेशान कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि बिजली विभाग का बकाया सरकारी विभागों से वसूला नहीं जा रहा, लेकिन आम जनता से वसूली हो रही है। बिजली चोरी, लाइन लॉस, और स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता को लूटा जा रहा है। कांग्रेस ने इस जनविरोधी निर्णय के खिलाफ पूरे प्रदेश में आंदोलन की चेतावनी दी है। पार्टी ने कहा कि सरकार एक ओर बिजली की दरें बढ़ा रही है, दूसरी ओर कटौती के कारण लोगों को बिजली सुविधा नहीं मिल रही। ऐसे में कांग्रेस जनता के हक के लिए सड़क पर उतरेगी और विरोध प्रदर्शन करेगी।




