
रेलवे की अधोसंरचना सुधार की योजनाओं का खामियाजा एक बार फिर आम यात्रियों को भुगतना पड़ेगा।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल अंतर्गत दुर्ग बिलासपुर सेक्शन में तीसरी लाइन विद्युतीकरण और ऑटोमेटिक सिगनलिंग के लिए 19 और 20 जुलाई को इंटरलॉकिंग कार्य किया जाएगा।नतीजतन, दर्जनों लोकल मेमू ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जिससे हजारों दैनिक यात्रियों की परेशानी तय है।इस तकनीकी कार्य की वजह से रायपुर-दुर्ग और बिलासपुर-रायपुर सेक्शन में कुल 9 लोकल ट्रेनों को 19 और 20 जुलाई को रद्द किया गया है। इन ट्रेनों पर रोजाना सैकड़ों कर्मचारी, छात्र, व्यापारी और आम नागरिक निर्भर रहते हैं।रेलवे का कहना है कि यह कार्य उन्नयन के लिए ज़रूरी है,लेकिन बार बार ऐसे कामों के नाम पर ट्रेनों को रद्द करना यात्रियों की असुविधा को नजरअंदाज करने जैसा है।बात यहीं खत्म नहीं होती गोंदिया झारसुगुड़ा मेमू को भी 19 जुलाई को बिलासपुर में ही समाप्त कर दिया जाएगा। इससे बिलासपुर और झारसुगुड़ा के बीच यात्रा कर रहे यात्रियों को बीच रास्ते में ही सफर रोकना पड़ेगा। खास बात यह है कि इस क्षेत्र में मानसून के मौसम में लोग पहले से ही यात्रा को लेकर परेशान हैं और ऐसे में लोकल ट्रेनों का रद्द होना लोगों की मुसीबत और बढ़ाएगा।रेलवे का यह निर्णय यात्रियों के हित से कहीं अधिक, प्रशासनिक सुविधा को प्राथमिकता देने जैसा प्रतीत होता है।सवाल ये है कि क्या रेलवे के पास ऐसा कोई विकल्प नहीं जिससे बिना ट्रेनों को रद्द किए भी अपग्रेडेशन कार्य हो सके या फिर आम यात्रियों की परेशानी को सिस्टम ने नज़रअंदाज़ करना सीख लिया है।




