
बिलासपुर, राजस्थान के रहने वाले बाल योगी बलरामपुरी संत ने 22 मई 2023 को 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम की यात्रा का संकल्प लेकर घर-परिवार का त्याग किया था। अब उन्होंने 51 शक्तिपीठों की यात्रा का संकल्प लिया है। इस अभियान के तहत वे विभिन्न धार्मिक स्थलों का भ्रमण कर रहे हैं और इसी क्रम में वे बिलासपुर पहुंचे। बाल योगी संत ने बिलासपुर के गौ सेवा धाम में एक दिन का विश्राम किया। इसके बाद वे रतनपुर स्थित प्राचीन मां महामाया देवी मंदिर के दर्शन के लिए प्रस्थान कर गए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता से भी जुड़ी हुई है। वह जहां भी जाते हैं, लोगों को गौ माता की सेवा और सुरक्षा के लिए प्रेरित करते हैं।

मीडिया से चर्चा करते हुए बाल योगी ने बताया कि उनका उद्देश्य गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना है। उन्होंने कहा, “मैंने अपना पूरा जीवन गौ माता को समर्पित कर दिया है। मेरी यह यात्रा गौ माता के सम्मान और अधिकारों के लिए है। उन्होंने आगे बताया कि वे अपने साथ सदैव रेडियम बेल्ट लेकर चलते हैं। यात्रा के दौरान जहां कहीं भी उन्हें गौ माता पर संकट नजर आता है, वे उनके गले में रेडियम बेल्ट बांध देते हैं ताकि रात के अंधेरे में वाहन चालकों को गौ माता दिख सके और दुर्घटनाएं न हों। इस कार्य को वे एक सेवा भावना से करते हैं।

बाल योगी ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस अभियान में सहभागी बनें और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि यह न सिर्फ एक धार्मिक बल्कि एक राष्ट्रीय कर्तव्य भी है, जो भारत की सांस्कृतिक आत्मा से जुड़ा हुआ है। अंत में उन्होंने प्रशासन से भी अनुरोध किया कि गौ तस्करी और गौ हत्या जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बाल योगी बलरामपुरी की यह यात्रा 51 शक्तिपीठों के दर्शन के बाद उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में जाकर सम्पन्न होगी।




