
बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार की रात एक बड़ी चूक को तारबाहर पुलिस ने वक्त रहते संभाल लिया। स्टेशन परिसर में दो युवक फोल्डिंग बटनदार चाकुओं की खेप लेकर पहुंचे थे। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से दोनों धर लिए गए। यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़े हादसे को टाल गई, बल्कि रेलवे की लचर सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खोल दी। जानकारी मिली कि पहला युवक सुमीत चौरसिया निवासी गौरेला प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर सर्विस प्रोवाइडर की ओर से बाहर निकल रहा था। संदिग्ध हरकतों पर नजर पड़ते ही एसीसीयू टीम ने घेराबंदी की और मौके पर दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके बैग से दो खतरनाक बटनदार फोल्डिंग चाकू मिले, जिनकी लंबाई 8 इंच से ज्यादा थी। चौंकाने वाली बात ये कि इन हथियारों को युवक ने बखूबी छुपा रखा था।उसी समय प्लेटफॉर्म की ओर से ही एक और युवक संदिग्ध हालात में नजर आया नाम निखिल साहू निवासी सरकंडा।पुलिस ने घेरकर तलाशी ली तो उसके बैग से 8 बटनदार धारदार चाकू बरामद हुए। सभी हथियार फोल्डिंग सिस्टम वाले थे और 8 से 12 इंच की लंबाई में थे। इन चाकुओं को देखकर पुलिस भी दंग रह गई ये बाजारू स्टाइलिश चाकू किसी बड़े मंसूबे की आहट दे रहे थे।पुलिस पूछताछ में दोनों युवकों ने खुद को बाबा धाम यात्रा से लौटने वाला बताया, लेकिन उनके पास न कोई बिल, न खरीद का प्रमाण, न ही हथियार रखने का लाइसेंस था। तारबाहर थाना पुलिस ने दोनों को तत्काल गिरफ्तार कर आयुध अधिनियम की धारा 25 के तहत अपराध दर्ज किया।

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि ये चाकू कहां से लाए गए और इनका मकसद क्या था।इस पूरी घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्थाओं की हवा निकाल दी है। दोनों युवक हथियार लेकर न केवल ट्रेन में चढ़े, बल्कि स्टेशन परिसर से बगैर जांच बाहर भी निकल गए। ना कहीं बैग की स्कैनिंग, ना कोई जांच गेट, ना ही RPF-जीआरपी की नियमित गश्त। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा मानकों को लेकर भारी लापरवाही है — स्टेशन पर ना तो लगेज स्कैनर दोबारा लगाए गए हैं और ना ही संदिग्धों की मॉनिटरिंग हो रही है। फिलहाल स्टेशन का पुनर्विकास सिर्फ कागज़ों और दीवारों पर लिखा जा रहा है, जबकि ज़मीन पर सुरक्षा इंतजाम लगभग खत्म हो चुके हैं। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का हथियार लेकर प्लेटफॉर्म में प्रवेश कर सकता है ये सबसे खतरनाक संकेत है, जिसे रेलवे को गंभीरता से लेना होगा।तारबाहर पुलिस ने अपने हिस्से का काम पूरी मुस्तैदी से किया लेकिन जरूरत है समय रहते हुए रेलवे भी जागे और ऐसे वारदातों पर अंकुश लगाने।अन्यथा जरा सी चूक किसी दिन जानलेवा साबित हो सकती है।




