
उसलापुर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में लॉ छात्र से मारपीट के मामले में सिविल लाइन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना को लेकर यात्रियों की सुरक्षा और ठेकेदार की जवाबदेही पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रविवार 20 जुलाई को लॉ छात्र वंश शर्मा अपनी मां को लेने स्कूटी से उसलापुर रेलवे स्टेशन पहुंचा था। स्टेशन के बाहर वह पार्किंग क्षेत्र से अलग अपनी गाड़ी खड़ी कर इंतजार कर रहा था। तभी पार्किंग ठेकेदार के कर्मचारियों ने गाड़ी हटाने को लेकर विवाद शुरू किया, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गया।पुलिस ने बताया कि छात्र से मारपीट करने वाले दोनों आरोपी पार्किंग में कार्यरत कर्मचारी हैं। आरोपी राज मोहम्मद निवासी राजकिशोर नगर और विरेंद्र यादव निवासी वायरलेस कॉलोनी को सोमवार 21 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। दोनों पर बीएनएस की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। साथ ही अलग से प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।थाना प्रभारी, सिविल लाइन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की है। दोनों आरोपी बाइक स्टैंड में काम करते हैं।आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। यह वही पार्किंग है जहां पहले भी गुंडागर्दी और अभद्रता की घटनाएं हो चुकी हैं। अप्रैल 2025 में ठेकेदार को निलंबित किया गया था, जबकि दिसंबर 2024 में भी इसी तरह की शिकायतों पर कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है।सीनियर डीसीएम ने कहा कि घटना की सूचना मिली है। दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति रही। जांच के बाद अगर कर्मचारियों की गलती पाई जाती है तो ठेकेदार पर कार्रवाई की जाएगी। स्टेशन परिसर में बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं से यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर रेलवे कब ठेकेदारों की जवाबदेही तय करेगा और कब तक आम यात्री पार्किंग माफिया की मनमानी का शिकार होता रहेगा।




