
एसईसीएल मुख्यालय के इन्दिरा विहार स्वास्थ्य केंद्र में ‘मिशन संजीवनी एचपीवी टीकाकरण अभियान’ की औपचारिक शुरुआत की गई। इस महत्वपूर्ण अभियान का शुभारंभ एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन द्वारा किया गया। एसईसीएल अपने कर्मियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है और भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी प्रयास जारी रखेगा।

अभियान का उद्देश्य एसईसीएल की महिला कर्मियों तथा उनके परिवार की पात्र महिला सदस्यों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस का टीका लगाकर सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी से संबंधित अन्य बीमारियों के खतरे को कम करना है। पहले चरण में 2400 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए है।

इस अभियान के अंतर्गत 9 से 26 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाएँ और बच्चियाँ टीकाकरण के लिए पात्र हैं। अभियान में कंपनी द्वरा बेहद कारगर नोनावैलेन्ट एचपीवी वैक्सीन का उपयोग किया जा रहा है, जो करीब 90% तक सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करती है। इस मौके पर एसईसीएल के सीएमडी ने बताया कि फर्स्ट स्टेज में इस वैक्सीन एसईसीएल अपने कर्मचारियों के लिए उपलब्ध करा रहा है तो वही आने वाले समय में यह आम जनता के लिए भी उपलब्ध होगा।

यह कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में संभवतः पहला ऐसा एचपीवी टीकाकरण अभियान है, जिसे डिजिटल प्लेटफॉर्म द्वारा संचालित किया जा रहा है। एक समर्पित पोर्टल के माध्यम से टीकाकरण की हर खुराक की रीयल-टाइम ट्रैकिंग की जा रही है। प्रत्येक डोज के बाद लाभार्थी को पोर्टल द्वारा डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। एचपीवी एक आम वायरस है जो गर्भाशयग्रीवा के कोशिकाओं को प्रभावित कर सकता है।

भारत में प्रतिवर्ष लगभग 1.25 लाख महिलाएँ सर्वाइकल कैंसर से प्रभावित होती हैं और 70,000 से अधिक महिलाओं की मृत्यु इस बीमारी से हो जाती है। यह एकमात्र ऐसा कैंसर है जिसे टीकाकरण और समय पर स्क्रीनिंग से काफी हद तक रोका जा सकता है।यह टीकाकरण अभियान कंपनी की समावेशी स्वास्थ्य नीति और नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




