
बिलासपुर शहर में रफ्तार और स्टंटबाजी का जुनून कानून, मर्यादा और सुरक्षा के सारे दायरे तोड़ रहा है। नेशनल हाईवे से लेकर रिवर व्यू तक युवा खुलेआम हुड़दंग मचा रहे हैं… और पुलिस, सिर्फ जुर्माने की खानापूर्ति कर रही है। सवाल ये है – क्या अब कार्रवाई का डर खत्म हो गया है? रिवर व्यू जैसे शांत स्थल पर शाम ढलते ही शोर, स्पीड और स्टंट का हंगामा शुरू हो जाता है। कोई कार की छत पर चढ़कर जानलेवा करतब कर रहा है, तो कोई बाइक को हवा में उड़ा रहा है – और ये सब कैमरे में रिकॉर्ड हो रहा है, फिर सोशल मीडिया पर वायरल भी।विडंबना ये है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यह सब होता है। कई बार युवतियों को भी इस स्टंट संस्कृति का हिस्सा बनते देखा गया है। वायरल हो रहे वीडियो साफ दिखाते हैं कि ये हरकतें सुनियोजित तरीके से हो रही हैं और इनका मुख्य मंच बन चुका है रिवर व्यू।

ट्रैफिक पुलिस ने कुछ युवाओं पर जुर्माना जरूर ठोका 2000 रुपए तक की कार्रवाई की बात कही गई लेकिन क्या इतना जुर्माना ऐसे स्टंटबाज़ों को रोकने के लिए काफी है? क्योंकि अगली ही शाम नए वीडियो वायरल हो जाते हैं।शहर के जागरूक लोग अब सवाल उठा रहे हैं क्या जुर्माना सिर्फ कमजोरों पर लागू होता है? क्योंकि जिन गाड़ियों पर राजनीतिक स्टीकर या रसूखदार नंबर हैं, उन पर पुलिस का कोई शिकंजा नहीं दिखता। सवाल बड़ा है क्या रिवर व्यू जैसे परिवारिक स्थल अब स्टंट और अश्लीलता के अड्डे बन चुके हैं? क्या सिर्फ सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर कार्रवाई का दावा करना ही काफी है? अगर नहीं, तो फिर कार्रवाई कब और कैसे।साफ है अब दिखावटी कार्रवाई नहीं, सख्त और असरदार कदम उठाने की ज़रूरत है। नहीं तो शहर की शांति और सार्वजनिक सुरक्षा दोनों पर सवालिया निशान लग जाएगा और रफ्तार का ये नशा किसी दिन बड़ा हादसा बनकर टूट पड़ेगा।




