
उसलापुर रेलवे स्टेशन पर एक बार फिर कैटरिंग स्टॉल संचालकों द्वारा पानी की बोतल अधिक दाम में बेचने का मामला सामने आया है। रेलवे नियमों के अनुसार यात्रियों को पानी की बोतल अधिकतम ₹15 में उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन स्टेशन पर ₹20 में पानी बेचा जा रहा है,

जिससे यात्रियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। ग्रैंड गुंबर न्यूज़ की टीम ने जब मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया, तो लगभग सभी स्टॉल्स पर पानी की कीमत ₹20 बताई गई। यही नहीं, कुछ यात्रियों से भी पूछताछ की गई तो उन्होंने भी पुष्टि की कि उन्होंने पानी की बोतल ₹20 में ही खरीदी है।

इससे स्पष्ट है कि रेलवे के तय मानकों की खुलेआम अवहेलना की जा रही है। हैरानी की बात यह है कि हाल ही में इसी तरह के मामलों को लेकर उसलापुर रेलवे स्टेशन के दो स्टॉल्स को सील कर दिया गया था। इसके बावजूद अन्य स्टॉल संचालक मनमानी करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

यह स्थिति रेलवे प्रशासन की सख्ती को भी चुनौती देती नजर आ रही है। इसके अलावा यात्रियों की सेहत के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा है। स्टॉल्स में खाने की वस्तुएं खुले में रखी गई हैं, जिससे उनमें धूल-मिट्टी और कीटाणु लगने का खतरा बना रहता है।

यह न केवल स्वच्छता मानकों का उल्लंघन है, बल्कि इससे यात्रियों में बीमारियों के फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है। इस संबंध में जब सीनियर डीसीएम अनुराग सिंह से जानकारी ली गई, तो उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर संबंधित स्टॉल संचालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक साल में ऐसे मामलों में रेलवे की सख्ती के चलते 18 स्टॉल को बंद भी किया गया है।

हालांकि, इन सभी कार्यवाहियों के बावजूद कैटरिंग स्टॉल संचालकों की मनमानी पर लगाम नहीं लग पा रही है। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या सिर्फ जुर्माना लगाना ही पर्याप्त है या फिर अधिक सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है जनता की सुविधा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जरूरी है कि रेलवे प्रशासन इन मामलों की गंभीरता से जांच कर दोषियों पर ठोस कार्रवाई करे।यात्रियों को उचित मूल्य पर पानी और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलना उनका अधिकार है, जिसे सुनिश्चित किया जाना चाहिए।




