
छत्तीसगढ़ में आध्यात्मिक यात्रा को नई दिशा देते हुए राज्य सरकार ने “रामलला दर्शन योजना” के तहत एक ऐतिहासिक पहल की है। श्रद्धालुओं को अयोध्या और काशी जैसे पवित्र तीर्थस्थलों के दर्शन कराने के लिए बिलासपुर से विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन बुधवार को रवाना हुई। स्टेशन परिसर में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और नागरिक शामिल हुए। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह एक विशेष दृश्य देखने को मिला, जब “रामलला दर्शन योजना” के अंतर्गत बिलासपुर संभाग से श्रद्धालुओं को लेकर पहली तीर्थ यात्रा ट्रेन रवाना की गई।

इस योजना का उद्देश्य है – आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को भी जीवन में कम से कम एक बार रामलला और काशी विश्वनाथ के दर्शन का अवसर प्रदान करना।यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि व अधिकारी स्टेशन पर उपस्थित रहे। उन्होंने यात्रियों से संवाद किया और इस ऐतिहासिक यात्रा के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दीं।धरम लाल कौशिक ने कहा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जो वादा किया था, आज उसे पूरे होते देखना बेहद गर्व का क्षण है।

यह योजना केवल धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण है।पर्यटन मंडल अध्यक्ष ने कहा कि हमने हर श्रद्धालु के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की है चाहे वह भोजन हो, नाश्ता, या ठहरने की सुविधा। हमारा उद्देश्य सिर्फ यात्रा कराना नहीं, एक यादगार और सम्मानजनक अनुभव देना है।बेलतरा विधायक शुशांत शुक्ला ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से सरकार एक ओर जहां आस्था को मजबूत कर रही है, वहीं दूसरी ओर समाज में समरसता और सांस्कृतिक एकता को भी नया आयाम दे रही है। इस तीर्थ यात्रा के लिए ट्रेन में कुल दर्जनों कोच आरक्षित किए गए हैं, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु सवार हुए। यात्रा के पहले दिन सभी श्रद्धालु काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन वे अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे।ट्रेन रवाना होते ही श्रद्धालुओं के चेहरों पर अद्भुत आनंद, भक्ति और भावुकता का समावेश देखने को मिला।जय श्रीराम के नारों से स्टेशन गूंज उठा।

यात्रियों ने बताया कि उन्होंने जीवन में कभी नहीं सोचा था कि बिना किसी खर्च के उन्हें अयोध्या और काशी के दर्शन करने का सौभाग्य मिलेगा।श्रद्धालुओं ने कहा हमारे जैसे साधारण लोगों के लिए ये सपना जैसा है। सरकार को बहुत-बहुत धन्यवाद। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि काशी और अयोध्या जा सकेंगे। रामलला दर्शन योजना केवल एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं की उस भावना का सम्मान है जो वर्षों से राम के दरबार में हाजिरी देने की उम्मीद संजोए बैठे थे। अब देखना होगा कि इस पहल से प्रेरित होकर आगे और कितने तीर्थ स्थलों को जोड़ा जाता है।क्योंकि श्रद्धा की यह ट्रेन अब छत्तीसगढ़ से सीधे प्रभु श्रीराम के आंगन में दाखिल हो चुकी है।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार, जिला पंचायत सीईओ, समाज कल्याण और पर्यटन विभाग के अधिकारी, जीआरपी और आरपीएफ जवान भी तैनात रहे ताकि यात्रा का संचालन बिना किसी व्यवधान के हो।पूरे कार्यक्रम में प्रशासनिक सजगता और श्रद्धा का समर्पण एक साथ दिखाई दिया।




