
मानसून का समय शुरू होते ही अब देशभर में मानसून ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया है बिलासपुर में भी पिछले दो दिनों से लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश ने कई क्षेत्रों में जलमग्न की स्थिति उत्पन्न कर दी है तो कई स्थानों में जल जमाव होने से लोगों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है खासतौर पर स्कूल जाने वाले बच्चों को इसमें खासी दिक्कत होती है लेकिन शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए तो यह मुसीबत और बढ़ जाती है क्योंकि यहां शासन के द्वारा पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से उन्हें बारिश से होने वाले जल जमाव के बीच से होकर अपने कक्षाओं में पहुंचना पड़ता है

कुछ यही नजारा इन दोनों ग्राम पंचायत महमंद में मौजूद शासकीय प्राथमिक शाला और शासकीय माध्यमिक शाला में देखने को मिल रहा है यहां खाने को तो स्कूल मौजूद है और बड़ी संख्या में विद्यार्थी यहां शिक्षा भी ग्रहण करते हैं लेकिन दृश्य में जो तस्वीर आपको दिख रही है वह दिखता है कि किस तरह से सरकारी लापरवाही की वजह से बच्चे जब यहां पहुंचेंगे तो उन्हें इन जलजलाओं के बीच से होकर अपने कक्षाओं में पहुंचना होगा कई बार इसकी शिकायत जिला शिक्षा विभाग से लेकर जनप्रतिनिधियों से की गई है लेकिन प्रशासनिक उदासीनता कहिए या फिर लापरवाही हर साल यहां यही स्थिति बनती है और सरकारी सिस्टम आंखें मुड़कर बैठा रहता है

जिन ननिहाल ऑन को पढ़कर उन्हें बेहतर भविष्य देने की परिकल्पना की जाती है वह यह प्रशासनिक सिस्टम बिल्कुल धराशाई नजर आ रहा है यहां केवल कुछ व्यवस्थाएं दुरुस्त कर देने से यह समस्या हल हो सकती है लेकिन न जाने क्यों ना तो ग्राम पंचायत और ना ही प्रशासन की नजर इस दिशा में पड़ी है आज तो हरेली की छुट्टी थी लेकिन शुक्रवार को यहां स्कूल संचालित होगा और बच्चों को इसी तरह पानी के बीच से गुजरना होगा अगर इस दिशा में ध्यान दिया जाए तो बच्चों को परेशानी से बचाया जा सकता है हालांकि जिला पंचायत के अध्यक्ष ने इस पर ध्यान केंद्रित किया है और जल्द ही समस्या का समाधान करने की बात कह रहे हैं।




