
देवकीनंदन दीक्षित सभा भवन में जिले के सभी प्राचार्यों और शैक्षिक समन्वयकों की बैठक आयोजित हुई। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित कक्षाएं, शिक्षकों की उपस्थिति और कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान ज़रूरी है।बैठक में कहा गया कि बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि नैतिकता, सामाजिकता और व्यावहारिक शिक्षा भी दी जाए। हर शनिवार को पर्यावरण, स्वच्छता, नैतिक शिक्षा और जल संरक्षण जैसे विषयों पर गतिविधियां कराई जाएंगी। मध्यान्ह भोजन की पौष्टिकता बढ़ाने के लिए सप्ताह में एक दिन गुड़-चना देने और न्योता भोज कार्यक्रम को जारी रखने के निर्देश दिए गए।कार्यशाला में किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने, खेलकूद को दैनिक गतिविधि बनाने और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस करने पर सहमति बनी। साथ ही मिशन 90 प्लस, जाति प्रमाण पत्र एप, और निशुल्क जेईई-नीट कोचिंग जैसी योजनाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्मार्ट सिटी विभाग के प्रतिनिधियों ने भी अपनी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन रामेश्वर जायसवाल ने किया और अंत में नवपदस्थ सहायक संचालक वर्षा शर्मा ने आभार व्यक्त किया।




