
बिलासपुर रेलवे स्टेशन की पुरानी इमारत में संचालित सिविल डिफेंस का स्पेशल सेल इन दिनों खुद ‘आपदा’ की ज़िंदा तस्वीर बन गया है। बारिश के साथ दफ्तर की छत टपकने लगती है, दीवारें सीलन से भीग जाती हैं और फर्श पर पानी बहता रहता है। हालत इतनी खराब है कि अब तिरपाल डालकर बचाव किया जा रहा है।ये वही बिल्डिंग है जहां कभी आईआरसीटीसी का दफ्तर था, और अब सिविल डिफेंस का स्पेशल सेल संचालित किया जा रहा है। लेकिन अफ़सोस, जिस दफ्तर को आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए बनाया गया था, वही दफ्तर अब खुद मरम्मत की गुहार लगा रहा है। बारिश की हल्की बूंदें भी इस दफ्तर को लाचार बना देती हैं।दफ्तर की छत से लगातार पानी टपकने के कारण कागजात और उपकरण भीगने लगे हैं। कर्मचारियों ने तिरपाल और बाल्टी लगाकर जैसे-तैसे दफ्तर को बचा रखा है, लेकिन न रेल प्रशासन चेता, न संबंधित विभाग। न तो मरम्मत की कोई पहल हुई, न ही इस जगह को स्थानांतरित करने की कोई ठोस योजना सामने आई है।यह नजारा सिर्फ एक भवन की बदहाली नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और असंवेदनशीलता की भी मिसाल है।




