
गंगानगर सेक्टर-2 की गलियों में पानी अब कम ज़रूर हुआ है, लेकिन लोगों का गुस्सा और सवाल अब भी उतना ही गहरा है। दो महीने से जलभराव की मार झेल रहे लोगों ने कीचड़ और बदबू के खिलाफ आखिरकार हल्ला बोल दिया।जी न्यूज ने जब इस समस्या को प्रमुखता से उठाया, तो शनिवार सुबह निगम प्रशासन हरकत में आया और राहत कार्य की शुरुआत की गई।हालात इतने बिगड़े थे कि गंगानगर की महिलाएं खुद सड़क पर उतर आईं। स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई रुकी, और रोज़ काम पर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी हुई।सड़कों पर पानी और गलियों में गटर जैसा माहौल बन गया था।लोगों ने कहा कि दो महीने से सिर्फ वादे सुनते आ रहे थे, न पार्षद दिखे, न विधायक।लेकिन जैसे ही जी न्यूज की खबर सामने आई, शनिवार सुबह निगम का अमला जोन कमिश्नर, इंजीनियर, पार्षद और सफाईकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचा। JCB से नाली सफाई शुरू हुई और पानी निकासी के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया गया।लगातार बारिश और तालाब से रिसाव के कारण यह हालात बने। नाली खोलकर तत्काल पानी निकासी शुरू कर दी गई है, और स्थायी समाधान पर निगम से बात चल रही है।निगमायुक्त ने भरोसा दिलाया है कि क्षेत्रवार टीमें बनाई गई हैं, जो भविष्य में ऐसी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई करेंगी।




