
बिलासपुर रेलवे स्टेशन के वीआईपी गेट नंबर 2 पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब नो पार्किंग में खड़े चार पहिया वाहन को लॉक किए जाने पर कार मालिक युवक और स्पेशल सेल के कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हो गई।युवक का आरोप था कि उसकी गाड़ी के बगल में खड़ी गाड़ी अधिकारी की बताकर छोड़ी गई,जबकि दोनों ही गाड़ियां नो पार्किंग क्षेत्र में थीं।दरअसल वीआईपी गेट के बाहर रेलवे अधिकारी की गाड़ी खड़ी थी, जिसे देखकर एक आम नागरिक ने भी अपनी कार उसके बगल में पार्क कर दी और स्टेशन के अंदर चला गया।बाहर आने पर उसने देखा कि उसकी गाड़ी को लॉक कर दिया गया है, जबकि अधिकारी की गाड़ी जस की तस खड़ी है। इस पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से युवक भड़क गया और उसने सवाल उठाया कि जब दोनों गाड़ियां एक ही स्थान पर खड़ी थीं, तो कार्रवाई एक पर ही क्यों।बात बढ़ते बढ़ते वहां मौजूद स्पेशल सेल कार्यालय और स्टैंड कर्मचारियों तक पहुंच गई।युवक के हंगामे के बाद खानापूर्ति करते हुए स्पेशल सेल ने अधिकारी की गाड़ी को भी लॉक कर दिया।हालांकि असली जुर्माना सिर्फ युवक को भरना पड़ा।युवक लगातार यह कहता रहा कि अधिकारी की गाड़ी पर कहीं भी भारत सरकार अंकित नहीं है, फिर उसे शासकीय कैसे माना गया।इस पूरे घटनाक्रम से स्टेशन परिसर में कई मिनटों तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।स्थानीय यात्रियों ने भी इस पक्षपातपूर्ण रवैये पर सवाल खड़े किए। अंततः अधिकारी की गाड़ी पर खानापूरी की गई और युवक की गाड़ी पर कार्रवाई पूरी कर माहौल शांत किया गया। यह घटना रेलवे स्टेशन की पार्किंग व्यवस्था और नियमों के दोहरे मापदंड पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।




