
बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक टीएल बैठक में राज्य शासन की फ्लैगशिप योजनाओं की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र निर्माण में लापरवाही बरतने पर चारों विकासखंडों के बीईओ को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईडी पासवर्ड मिलने के एक सप्ताह बाद भी संकुल समन्वयकों द्वारा आवेदन फारवर्ड नहीं किया गया है, जो गंभीर लापरवाही है। बैठक में खाद की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई, जिसमें कलेक्टर ने समितियों में खाद की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने तखतपुर और सकरी क्षेत्र की समितियों को तुरंत यूरिया खाद भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि समिति-वार प्रतिदिन खाद की उपलब्धता की समीक्षा की जाए और आवश्यकता वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने आगे कहा कि कृषि से जुड़ी गतिविधियों में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि लगाए गए पौधों की समुचित देखरेख के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की नियुक्ति की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि फलदार पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी जाए, जिससे आगे चलकर उन्हें आर्थिक लाभ भी मिल सके। सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने पशु चिकित्सा विभाग को सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय निकाय मवेशियों के मालिकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करें। साथ ही, जिले के प्रत्येक ब्लॉक में दो-दो पशु आश्रय स्थलों के निर्माण के लिए स्वीकृति जारी हो चुकी है, जिनका कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए। अंत में कलेक्टर ने स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सौंपे गए कार्यों को समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए।




