
बिलासपुर :- हाईकोर्ट ने प्रदेशभर में डीजे और साउंड बॉक्स से हो रहे ध्वनि प्रदूषण पर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि बेतहाशा शोर से न सिर्फ आम नागरिकों को दिक्कत होती है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, मरीजों की तबीयत और बुजुर्गों की शांति पर भी बुरा असर पड़ रहा है। लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए सुनवाई की।सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को तीन हफ्तों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने पूछा है कि अब तक ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए कितनी कार्रवाई की गई और किन नियमों का पालन हो रहा है। साथ ही कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून और दिशा-निर्देश होने के बावजूद अगर प्रशासन कार्रवाई नहीं करता, तो इसे लापरवाही माना जाएगा।गौरतलब है कि कानून के तहत तेज आवाज में डीजे और साउंड बजाना अपराध है, जिसमें 5 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह ऐसे मामलों में ठोस कार्रवाई करे और आम नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण से राहत दिलाए। इस आदेश के बाद संभावना जताई जा रही है कि आगामी दिनों में पुलिस और प्रशासन बड़े स्तर पर अभियान चलाकर सख्त कदम उठाएंगे।




