
बिलासपुर में पानी-बिजली और मूलभूत सुविधाओं की मांग उठाना कांग्रेस नेताओं को भारी पड़ गया। तिफरा वार्ड क्रमांक 5 की पार्षद गायत्री लक्ष्मीनाथ साहू और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू के खिलाफ थाना सिविल लाइन में एफआईआर दर्ज की गई है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को द्वेषपूर्ण और बदले की भावना से प्रेरित बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पानी, प्रकाश व्यवस्था और सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर वे सैकड़ों महिलाओं और कार्यकर्ताओं के साथ पार्षद गायत्री साहू के नेतृत्व में विकास भवन का घेराव करने गए थे। शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन के बावजूद अधिकारियों ने सत्तापक्ष के दबाव में आकर उन पर एफआईआर दर्ज की।ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा कि यह कार्रवाई विपक्ष की आवाज दबाने की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड की समस्याओं को उठाने वाली महिला पार्षद को निशाना बनाना सरकार की मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या और जनता के अधिकारों पर हमला बताया।कांग्रेस का कहना है कि एक महिला जनप्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह की एफआईआर सरकार की तानाशाही सोच को उजागर करती है। जिला कांग्रेस कमेटी ने भी इस कार्रवाई की निंदा की है और ऐलान किया है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन करेगी। कलेक्ट्रेट घेराव की तैयारी की जा रही है।
वहीं कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने भी सरकार और प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा कि जब जनता को वार्डों में पानी और बिजली नहीं मिलती तो पार्षद नगर निगम आयुक्त से ही सवाल करेगी। लेकिन यदि इस पर एफआईआर होती है तो साफ है कि छोटे से लेकर बड़े स्तर तक विपक्ष की आवाज दबाने का षड्यंत्र चल रहा है। कुल मिलाकर, महिला पार्षद और ब्लॉक अध्यक्ष पर एफआईआर दर्ज होने से राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस इसे लोकतंत्र की हत्या बता रही है और आंदोलन की तैयारी कर रही है, जबकि जनता अब भी पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के इंतजार में है।




