
बिलासपुर। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर को व्यवस्थित करने के लिए नगर निगम द्वारा कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शनिचरी पुल के पास फल बाजार का निर्माण कराया गया था, ताकि सड़क किनारे लगने वाले ठेलों को एक ही जगह व्यवस्थित किया जा सके। शुरुआती दिनों में फल व्यापारी यहां दुकान लगाने पहुंचे भी, लेकिन अब दोबारा से सड़क किनारे बाजार सजने लगा है। फल व्यापारियों का कहना है कि निगम द्वारा बनाया गया फ्रूट मार्केट पूरी तरह से व्यवस्थित नहीं है। मार्केट की अंदरूनी व्यवस्था और पार्किंग की दिक्कतों के कारण ग्राहक वहां आने से कतराते हैं।

ऐसी स्थिति में उनकी बिक्री घट जाती है और उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है। मजबूरी में कई व्यापारी फिर से सड़क किनारे ठेला लगाने लगे हैं।व्यापारियों ने यह भी बताया कि शहर में करीब 200 फल व्यापारी हैं, जबकि निगम द्वारा बनाए गए मार्केट में केवल 85 ठेलों के लिए ही जगह उपलब्ध कराई गई है। बाकी व्यापारी कहां दुकान लगाएं, इसका कोई समाधान नहीं दिया गया। इस कारण से उन्हें बाहर सड़क किनारे ही ठेला लगाना पड़ रहा है।

नगर निगम लगातार निर्देश और चालानी कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद व्यापारी सड़क किनारे ही दुकान लगाने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि यदि निगम वास्तव में उन्हें व्यवस्थित करना चाहता है, तो पहले सभी व्यापारियों को पर्याप्त जगह और सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। निगम आयुक्त ने बताया कि फल बाजार का निर्माण व्यापारियों की सहमति और उनके आश्वासन पर ही कराया गया था। इसके बावजूद कई व्यापारी सड़क किनारे ठेला लगाने लगे हैं।

इस पर फिर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि नई समिति बनाकर सभी ठेलों को व्यवस्थित ढंग से फ्रूट मार्केट में ही शिफ्ट किया जाएगा। अब सवाल यह है कि क्या निगम की योजनाएं वास्तव में जमीनी स्तर पर सफल होंगी? जब तक व्यापारियों की संख्या और बाजार की क्षमता में संतुलन नहीं बैठाया जाता, तब तक सड़क किनारे लगने वाले ठेलों की समस्या पूरी तरह से खत्म होना मुश्किल ही नजर आ रही है।




