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Monday, April 6, 2026
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छत्तीसगढ़ में बाघों की दहाड़ दोगुनी,अचानकमार में बढ़ी उम्मीदें, बनेगा नया टूरिस्ट हब

बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य में बाघों की संख्या दोगुनी हो गई है। वन विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक पहले जहां बाघों की संख्या महज़ 17 थी, अब बढ़कर 37 तक पहुंच गई है। यह नतीजा संरक्षण और सख़्त निगरानी की सफलता मानी जा रही है।सबसे खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ का अचानकमार टाइगर रिज़र्व अब बाघों की नई पनाहगाह बनकर उभरा है। यहां बाघों की सबसे ज्यादा मौजूदगी दर्ज हुई है। यह क्षेत्र अब मध्यप्रदेश के कान्हा-किसली जंगलों की तरह पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखता है।बिलासपुर और आसपास के इलाकों के लिए यह खबर बेहद उत्साहजनक है। अब यहां आने वाले सैलानियों को जंगल सफारी के दौरान बाघों की झलक देखने का मौका पहले से कहीं ज्यादा मिलेगा। इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलेगा।वन विभाग का कहना है कि लगातार ट्रैप कैमरों में बाघों की तस्वीरें कैद हो रही हैं। उदंती-सीतानदी इलाके में भी नए बाघों की मौजूदगी का पता चला है। यह साबित करता है कि छत्तीसगढ़ का जंगल बाघों के लिए सुरक्षित आवास साबित हो रहा है।पर्यावरणविदों का मानना है कि बाघों की बढ़ती संख्या यहां की जैव-विविधता और जंगल की सेहत का संकेत है। यह न सिर्फ़ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कामयाबी है बल्कि आने वाले वक्त में इको-टूरिज़्म को बढ़ावा देने का बड़ा आधार भी बनेगा।कुल मिलाकर, बिलासपुर और अचानकमार अब सिर्फ़ मानचित्र पर ही नहीं, बल्कि पर्यटकों की पसंदीदा सूची में भी जगह बनाने की ओर बढ़ रहे हैं। बाघों की दहाड़ से गूंजता यह जंगल आने वाले दिनों में अन्य टाइगर रिजर्व जैसा माहौल तैयार करेगा और छत्तीसगढ़ को पर्यटन के नए नक्शे पर चमकाएगा।

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