
जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में अचानक बिजली गुल हो गई, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। करीब आधे घंटे तक—दोपहर 1 बजे से 1:30 बजे तक—बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे मेल और फीमेल वार्ड अंधेरे में डूब गए।इस दौरान नर्सों को मरीजों की ड्रिप मोबाइल की टॉर्च जलाकर बदलनी पड़ी। वहीं, गर्मी से बेहाल मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए उनके परिजन कपड़ों से पंखा झलते नजर आए। बिजली कटौती के चलते न सिर्फ मरीजों को दिक्कत हुई, बल्कि डॉक्टरों को भी इलाज में परेशानी आई और कई जरूरी जांच समय पर नहीं हो सकीं।गौरतलब है कि अस्पताल में पहले से ही नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कई सेवाएं प्रभावित हैं। ऐसे में बिजली संकट ने हालात और बिगाड़ दिए। मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल में बार-बार बिजली जाना चिंता का विषय है और इससे मरीजों की सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है।लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि ऐसे हालात से निपटने के लिए वैकल्पिक बिजली व्यवस्था, जैसे जनरेटर या इन्वर्टर, की व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न दोहराई जाए।




