
27 अगस्त बुधवार से शुरू हुआ भारती नगर का 22वां गणेशोत्सव श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम बन गया है। पहले ही दिन सुबह से देर रात तक भव्य आरती और प्रसाद वितरण में भक्तों का सैलाब उमड़ा। भारती नगर की एकता गणेश उत्सव समिति के बैनर तले बुधवार सुबह जैसे ही गणेश प्रतिमा की स्थापना हुई, पूरा इलाका गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु घंटों तक पंडाल में दर्शन के लिए कतारबद्ध रहे।

सुबह 9 बजे पहली विशेष आरती और शाम 7:30 बजे महाआरती का आयोजन हुआ। ढोल-नगाड़ों की गूंज और शंखनाद के बीच भक्तिभाव का नजारा देखते ही बन रहा था। बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा श्रद्धा से शामिल हुए।त्योहार के पहले दिन 27 अगस्त को सूजी का हलवा बतौर प्रसाद बांटा गया। समिति ने बताया कि हर दिन अलग-अलग प्रसाद वितरण होगा, जो इस उत्सव की खास परंपरा है और भक्त बड़ी उत्सुकता से इंतजार करते हैं।नगर निगम की महापौर विशेष अतिथि के तौर पर पंडाल पहुंचीं।

उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन पूरे शहर में सामाजिक समरसता की मिसाल है। कार्यक्रम के दौरान समिति अध्यक्ष शशांक मनहर ने जानकारी दी कि यह आयोजन लगातार 22 वर्षों से हो रहा है और इस बार इसे और अधिक पारदर्शी व आधुनिक तरीके से आयोजित किया जा रहा है।

QR कोड से सहयोग जुटाकर भोग और भंडारे की व्यवस्था की गई है।पूरे आयोजन में महिलाओं और युवाओं की मंडलियां जिम्मेदारी निभा रही हैं। किसी ने सुरक्षा और व्यवस्था का मोर्चा संभाला तो किसी ने पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की तैयारी की। इस कारण पूरे आयोजन का संचालन बेहद अनुशासित और व्यवस्थित दिखा।पंडाल की सजावट भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही।

रंग-बिरंगी लाइटिंग, फूलों से सजी प्रतिमा और चारों तरफ़ गूंजते भजन पूरे क्षेत्र को भक्ति और आस्था के रंग में रंगते रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और आशीर्वाद की कामना की। परिवारों के साथ पहुंचे भक्त भजन-कीर्तन में शामिल होकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते रहे।

भारती नगर का गणेशोत्सव अब सिर्फ़ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि पूरे समाज को जोड़ने वाला महाउत्सव बन चुका है। आने वाले दिनों में यहां और भी धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जो श्रद्धालुओं की आस्था और उल्लास को और ऊँचाइयों तक ले जाएंगे।




