
बिलासपुर में साइबर अपराधियों ने एक रिटायर्ड अधिकारी को अपना शिकार बना लिया। ठगों ने मोबाइल का बायोमेट्रिक लॉक तोड़कर उनके बैंक खातों से एक लाख चार हजार रुपए पार कर दिए। पीड़ित ने सरकंडा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। आइए जानते हैं पूरा मामला।
राजस्व कॉलोनी निवासी विनोद कुमार केशरवानी, जो आदिम जाति कल्याण विभाग से परियोजना प्रशासक के पद से रिटायर हुए हैं, ने बताया कि उनका मोबाइल अचानक गरम होने लगा। रातभर चार्जिंग में लगाने के बावजूद सुबह बैटरी पूरी तरह खत्म हो गई। उन्हें शक हुआ कि मोबाइल में तकनीकी समस्या है और वे सर्विस सेंटर पहुंचे।सर्विस सेंटर पर उन्हें नया सिम लेने की सलाह दी गई।लेकिन जब वे नया सिम लेने पहुंचे तो पता चला कि किसी ने उनके मोबाइल का बायोमेट्रिक लॉक तोड़ दिया है। इसी दौरान जालसाजों ने पांच अलग-अलग बैंकों के खातों से कुल एक लाख चार हजार रुपए निकाल लिए।घटना के बाद पीड़ित ने सरकंडा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले से साफ है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए हथकंडे अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।विनोद कुमार ने बताया कि मोबाइल की असामान्य गतिविधि ही पहली चेतावनी थी। उन्होंने आम नागरिकों को सतर्क करते हुए कहा कि अगर मोबाइल अचानक गरम हो, बैटरी तेजी से खत्म हो या कोई अनजान गतिविधि हो तो तुरंत सावधान हो जाएं। फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल लेन-देन करते वक्त लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही भी आपकी गाढ़ी कमाई को पलभर में खत्म कर सकती है।




