
बिलासपुर– बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र के भरारी गांव में आठवीं कक्षा के छात्र चिन्मय सूर्यवंशी की हत्या मामले में आज नया मोड़ आ गया। सह आरोपी बनाए जाने की मांग को लेकर ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने हो गए। हाईवे पर करीब आधे घंटे तक अफरा-तफरी मची रही, जिसके बाद पुलिस ने समझाइश देकर स्थिति को काबू में किया। चिन्मय सूर्यवंशी हत्याकांड कुछ दिन पहले हुआ था, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। मुख्य आरोपी छत्रपाल की गिरफ्तारी कर जेल भेजा जा चुका है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि हत्या की साजिश में आरोपी के माता-पिता और बहन भी शामिल हैं, जिन पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसी बात को लेकर ग्रामीण बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट ज्ञापन सौंपने निकले थे।ग्रामीणों की गतिविधि की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आई और भरारी चौक पर उन्हें रोक लिया। मौके पर एडिशनल एसपी अर्चना झा, कोटा एसडीओपी नूपुर उपाध्याय और रतनपुर थाना प्रभारी संजय सिंह पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत करने लगे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच निष्पक्ष रूप से चल रही है और अब तक केवल एक आरोपी की संलिप्तता सामने आई है।लेकिन ग्रामीण पुलिस की बात मानने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि पुलिस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है और सह आरोपी को बचा रही है।आक्रोशित ग्रामीणों ने हाईवे पर यातायात रोकने की कोशिश की, जिससे NH-130 पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद यातायात को बहाल किया।कोटा एसडीओपी नूपुर उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि ग्रामीणों की ओर से पहले कभी इस तरह का आवेदन नहीं दिया गया था। आज अचानक वे कलेक्ट्रेट की ओर जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें समझाया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। इसी आश्वासन के बाद ग्रामीण अपने घर लौट गए और स्थिति सामान्य हो गई। आखिरकार पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों का आवेदन लिया और आश्वासन दिया कि उनके आरोपों की भी जांच होगी। इसके बाद ग्रामीण शांत होकर वापस लौट गए। पुलिस ने कहा कि ग्रामीणों की हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।




