

बिलासपुर :- बिलासपुर शहर में ईद मिलादुन्नबी का जश्न जोरों पर है। मोमिनपारा मस्जिद से बच्चों और युवाओं का रोजाना निकलने वाला जुलूस अब शहरभर में आकर्षण का केंद्र बन गया है। छोटे-बड़े सभी झंडे हाथों में लिए सरकार की आमद मरहबा के नारे लगाते हुए निकल रहे हैं। इसी बीच 12 रबीउल अव्वल 1447 हिजरी को विलादत-ए-मुबारक के 1500 साल पूरे होने जा रहे हैं, जिसे मुस्लिम समुदाय ऐतिहासिक अवसर मानते हुए धूमधाम से मना रहा है।शुक्रवार को पर्व के मुख्य आयोजन होंगे। सुबह बाइक जुलूस शहर भ्रमण करेगा, वहीं जुमे की नमाज के बाद अलग-अलग क्षेत्रों से पैदल जुलूस निकाले जाएंगे।इनमें नातिया कलाम की पेशकश होगी और बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर पैगंबर-ए-इस्लाम की बारगाह में अपनी मोहब्बत और अकीदत का नज़राना पेश करेंगे।शहर इस वक्त सजावट से जगमगा रहा है। गली-मोहल्लों, घरों और मस्जिदों को झंडों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। मोमिनपारा समेत कई इलाकों में बच्चों और युवाओं की रोजाना भागीदारी ने ईद मिलादुन्नबी के जश्न को और खास बना दिया है।यह पर्व सिर्फ रोशनी और जुलूस का नहीं, बल्कि हज़रत मोहम्मद की बताई राह पर चलने का संकल्प लेने का भी दिन है। ईद मिलादुन्नबी इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश देता है और समाज को एकता की डोर में बांधने की प्रेरणा है।




