
बिलासपुर। सीपत विकासखंड के ग्राम दर्राभाठा में पंचायत स्तर पर गंभीर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सचिव, रोजगार सहायिका और पंचायत ऑपरेटर ने मकान टैक्स के नाम पर उनसे मनमानी वसूली की है। इस संबंध में गांव के 8 से अधिक ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और दोषियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।ग्रामीणों का कहना है कि उनसे तय सीमा से कई गुना अधिक टैक्स वसूला गया है। वहीं कुछ अन्य ग्रामीणों से कम राशि लेकर पक्षपात भी किया गया। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि जब उन्होंने आपत्ति जताई तो पंचायत सचिव और रोजगार सहायिका ने उन्हें आश्वासन दिया था कि अतिरिक्त ली गई राशि लौटा दी जाएगी। लेकिन छह महीने गुजर जाने के बावजूद अब तक पैसा वापस नहीं किया गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा करीब 2 से 3 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वसूली की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि अब पंचायत प्रतिनिधि पैसा लौटाने से बच रहे हैं और मामले को टालते जा रहे हैं। इस कारण गांव के लोग आक्रोशित हैं और प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की जानकारी जनपद पंचायत मस्तूरी के सीईओ को भी पहले ही दे दी थी। लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने कलेक्टर से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जिनसे अधिक वसूली की गई है, उन्हें तत्काल उनकी राशि वापस दिलाई जाए। अब सवाल यह उठता है कि क्या जिला प्रशासन इस गंभीर शिकायत की पारदर्शी जांच करेगा? और अगर ग्रामीणों के आरोप सही साबित होते हैं, तो क्या दोषी पंचायत प्रतिनिधियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी? ग्रामीणों की निगाहें अब प्रशासन की ओर टिकी हैं।




