

बिलासपुर : बिलासपुर शहर की ट्रैफिक व्यवस्था लगातार चरमराती जा रही है। जिम्मेदार विभागों की उदासीनता और देखरेख के अभाव ने स्थिति को और खराब बना दिया है। आलम यह है कि राहगीरों को पूरे शहर में जाम से जूझना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा अव्यवस्था बृहस्पति बाजार इलाके में देखने को मिल रही है। यह इलाका शहर का सबसे व्यस्त मार्ग माना जाता है, जहां रोजाना हजारों की संख्या में लोग आते-जाते हैं। यहां सड़क के बीचो-बीच न केवल बाजार सज रहे हैं बल्कि लोग दोपहिया और चारपहिया वाहन भी बेतरतीब तरीके से खड़े कर खरीदारी में मशगूल हो जाते हैं। नतीजतन, आम राहगीरों और वाहन चालकों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।पिछले दिनों यातायात विभाग के एडिशनल एसपी राम गोपाल करियारे ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की थी। उन्होंने सड़क पर कब्जा जमाने वाले 20 बाजार संचालकों और वाहन खड़े करने वाले चालकों पर जुर्माना ठोका था। इतना ही नहीं, सड़क पर भीड़ लगाकर अव्यवस्था फैलाने वाले सैकड़ों मजदूरों को भी दूसरे स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया था। उस समय अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा था कि दोबारा ऐसी स्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।लेकिन हकीकत यह है कि ट्रैफिक पुलिस के आदेश और चेतावनी का कोई असर नहीं दिख रहा है। एक बार फिर से सड़क पर बाजार और वाहनों का जमावड़ा नजर आने लगा है। मजदूरों की भीड़ भी सड़क के बीचो-बीच डेरा जमाए बैठी है। नतीजा, यहां की ट्रैफिक व्यवस्था रोजाना ध्वस्त होती जा रही है और लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम दोनों की लापरवाही और अनदेखी की वजह से यह हालात बने हैं। अगर जिम्मेदार अधिकारी समय रहते कड़े कदम नहीं उठाएंगे तो आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ सकती है। दरअसल, इस इलाके में ट्रैफिक प्रबंधन और अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गई है। वास्तविकता यह है कि रोजाना सैकड़ों लोग परेशान हो रहे हैं लेकिन समाधान की कोई ठोस पहल नहीं हो रही। अब देखने वाली बात होगी कि ट्रैफिक विभाग एक बार फिर से सख्ती बरतता है या शहरवासी यूं ही अव्यवस्था और जाम की मार झेलते रहेंगे।




