
बिलासपुर– मंगलवार को बिलासपुर में आयोजित कांग्रेस की आमसभा में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। पत्रकारों से बातचीत में बघेल ने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार ‘वोट चोरी’ से बनी है, और इसी कारण प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं को योजनाबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। कांग्रेस की आम सभा के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और पूर्व मुख्यमंत्री दोनों ने पत्रकारों को संबोधित किया इस दौरान छत्तीसगढ़ के कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने भी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा, “आज लोकतंत्र में सबसे बड़ा अधिकार वोट है, और जब उसकी ही चोरी हो रही है तो यह गंभीर मसला है। निर्वाचन आयोग को जनता की शंकाओं का समाधान करना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक पार्टी का प्रवक्ता बनना चाहिए।”पायलट ने दावा किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरे देश में आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा,की “सरकार को जनता की कोई चिंता नहीं है। ये केवल सत्ता में बने रहने के लिए लोकतंत्र के मूल अधिकार – वोट – की चोरी कर रहे हैं।” उन्होंने बताया कि 16 सितंबर से कांग्रेस पूरे प्रदेश में ‘हस्ताक्षर अभियान’ चलाएगी ताकि जनता को इस मुद्दे पर जागरूक किया जा सके।
कांग्रेस की आम सभा के बाद रायपुर में भाजपा प्रदेश कार्यालय में भाजपा के मुखर नेता और छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया जहां उन्होंने कांग्रेस के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने किसी तरह की ‘वोट चोरी’ नहीं की, और कांग्रेस के पास कोई ठोस सबूत नहीं है। शर्मा ने सभी बिंदुओं पर तथ्यों के साथ जवाब दिया और कांग्रेस को ‘जनता को गुमराह करने’ का दोषी ठहराया।
हालांकि कांग्रेस के द्वारा सभा के माध्यम से लगातार आरोप लगाए गए लेकिन इस बीच, कांग्रेस की आमसभा में खाली पड़ी कुर्सियों ने भी खासा ध्यान खींचा। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बना रहा कि क्या पार्टी की जनसंपर्क रणनीति में कहीं चूक हुई है, या फिर जनता का भरोसा डगमगा रहा है।




